अर्जेंटीना के प्रदर्शन से माराडोना मदमस्त
१८ जून २०१०दक्षिण कोरिया के कोच हू जुंग मू और माराडोना का रिश्ता पुराना है. 1986 के विश्व कप में जब अर्जेंटीना दक्षिण कोरिया के खिलाफ खेल रही थी तो हू मैराडोना के पास तैनात किए गए थे. लेकिन हू की मौजूदगी माराडोना को रोकने के लिए काफी नहीं थी. मैच अर्जेंटीना ने 3-1 से जीत लिया. साथ ही उस साल विश्व कप चैंपियन भी बने. मैराडोना कहते हैं, "1986 में कोरिया ने हमारे खिलाफ तायक्वांडो खेला था, फुटबॉल नहीं."
हार और इस चुटकी के बावजूद दक्षिण कोरियाई कोच ने अपना दर्द छिपाए रखा. संतुलित बयान देते हुए उन्होंने कहा, कि अर्जेंटीना एक ताकतवर टीम है लेकिन किसी भी टीम को जीतने के लिए ताकत के अलावा कुछ औऱ भी चाहिए होता है.
इससे पहले माराडोना ने ब्राज़ील के पूर्व खिलाड़ी औऱ मशहूर फुटबॉलर पेले और यूएफा प्रमुख मिशेल प्लाटिनी को भी आड़े हाथ लिया. मैराडोना ने कहा कि पेले को अजायबघर में रखा जाना चाहिए और प्लाटिनी एक ऐसे व्यक्ति हैं ''जिन्हें सब कुछ पता है.''
ऐसी ख़बरे हैं कि माराडोना मैसी की तारीफ करते हुए अन्य टीमों की खिल्ली भी उड़ा रहे हैं. ऐसा माना जा रहा है कि क्वार्टर फाइनल में आर्जेंटीना का टक्कर जर्मनी से होगा, लेकिन माराडोना अपने चहेते लायनल मेसी का हवाला देते हुए सारी टीमों के आत्मविश्वास को खत्म करने में लगे हुए हैं. अर्जेंटीना का अगला मैच 22 जून को ग्रीस के खिलाफ है.
रिपोर्टः एजेंसियां/ एम गोपालकृष्णन
संपादनः ओ सिंह