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लोकतंत्र उतना मजबूत जितना हम उसे बनाते हैं: जर्मन राष्ट्रपति

२४ दिसम्बर २०१८

जर्मन राष्ट्रपति फ्रांक वाल्टर श्टाइनमायर ने जर्मनी के लोगों से आग्रह किया है कि वे मिल जुलकर समाज में मौजूद तनावों को दूर करें. अपने सालाना क्रिसमस संबोधन में उन्होंने कहा कि देश आपस में बंटना नहीं चाहिए.

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Bundespräsident Frank-Walter Steinmeier Weihnachtsansprache 2018
तस्वीर: Reuters/A. Hilse

साल 2018 में जर्मनी में राजनीतिक और सामाजिक असंतोष काफी बढ़ता दिखा. समाज में विभाजन के साथ साथ राजनेताओं और आम लोगों के बीच अलगाव को लेकर भी बहुत बातें हुईं. बहुत से लोगों ने सोशल मीडिया पर अपने गुस्से का इजहार भी किया.

अपने क्रिसमस संबोधन में जर्मन राष्ट्रपति श्टाइनमायर ने चर्चा और वाद विवाद में बढ़ रही कड़वाहट का जिक्र किया. उन्होंने कहा, "आप जहां कहीं भी देखें- खास कर सोशल मीडिया पर- वहां आपको नफरत दिखती है, शोर है और हर दिन गुस्सा है. मुझे लगता है कि जर्मन लोग एक दूसरे से बात करने पर कम से कम समय लगा रहे हैं. और एक दूसरे को सुनने के लिए उससे भी कम समय दे रहे हैं."

राष्ट्रपति श्याइनयार ने लोगों से कहा कि वे एक दूसरे से ज्यादा बात करें, भले ही उनके विचार ना मिलते हों और भले ही इससे तकरार भी हो जाए- क्योंकि इसी से लोकतंत्र बनता है.

जर्मन राष्ट्रपति ने कहा, "हमारा लोकतंत्र मजबूत है!" उनके मुताबिक, वे इसे हर दिन महसूस करते हैं और जर्मनी के करोड़ों लोग इसे मजबूत बनाते हैं. हर वह व्यक्ति जो स्थानीय समुदाय, संघों या फिर नगर पालिका में सक्रिय हैं, हर वह व्यक्ति जो अस्पताल और नर्सिंग होम्स में काम करता है, पुलिस या फिर फायरब्रिगेड में काम करता है, और खास कर क्रिसमस के दौरान- उन सभी का इसमें योगदान है.

जर्मन राष्ट्रपति ने जर्मन लोकतंत्र की मजबूती के साथ साथ लोगों को खबरदार भी किया, जिसे एक चेतावनी के तौर पर देखा जा सकता है. उन्होंने कहा, "हमारा लोकतंत्र उतना ही मजबूत है जितना हम उसे बनाते हैं." उनके मुताबिक, "इसका बुनियादी सिद्धांत है कि हम अपनी राय जाहिर करते हैं और हम वह कहते हैं जिस पर हमें विश्वास है."

उन्होंने कहा कि जितना जरूरी अपनी राय का बचाव करना है, उतना ही जरूरी दूसरों का सम्मान करना भी है. श्टाइनमायर ने कहा, "किसी समझौते पर पहुंचना कमजोरी का संकेत नहीं है, बल्कि यह मजबूती का संकेत है. किसी समझौते पर पहुंचने की क्षमता लोकतंत्र की रीढ़ है."

बतौर राष्ट्रपति यह श्टाइनमायर का दूसरा क्रिसमस संबोधन है. लेकिन पिछली बार के विपरीत इस बार उन्होंने अन्य देशों का जिक्र भी किया. उन्होंने कहा, "जब समाज बंटते हैं तो क्या होता है, जब एक पक्ष अपने तर्कों को पेश किए बिना दूसरे पक्ष से बात करना ही बंद कर दे तो क्या होता है, यह हम अपने आसपास की दुनिया में देख ही रहे हैं."

जर्मन राष्ट्रपति ने "पेरिस में बेरिकेड्स जलाए जाने, अमेरिका में गहरे राजनीतिक मतभेद होने और ब्रिटेन में ब्रेक्जिट से पहले चिंता" का जिक्र किया. उन्होंने यह भी कहा, "हंगरी, इटली और कई दूसरी जगहों पर यूरोप की परीक्षा ली जा रही है." श्टाइनमायर के मुताबिक, यूरोप के दिल में रहने वाले जर्मन भी इन घटनाक्रमों से अछूते नहीं हैं, लेकिन उन्होंने संवाद और एकजुट रहने पर जोर दिया.

क्रिस्टोफ श्ट्राक/एके

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